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गैस एसिडिटी सँ परेशानी अछि तह घरेलू 4चीजक सेवन करू

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 1.जिनका गैस एसिडिटी सँ परेशानी अछि,ओ' डाइट में छाछक'  सेवन कैर सकैत छि,छाछ में मौजूद लैक्टिक ऐसिड गैस्टिक एसिडिटी सँ राहत दिलाबैत में असरदार साबित होयत अछि- 2.गैस एसिडिटी सँ परेशान छि तह लौंग के सेवन कएल करू,लौंग में कार्मिनेटिव प्रभाव मौजूद रहैत अछि,जे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में गैस बनै सँ रोकैत अछि- 3.अदरक के सेवन कएलाक सँ मतली आओर उल्टी के रोकल जाइत अछि,अदरक में मौजूद पोषक तत्व एसिड रिफ्लेक्स के रोकै में मददगार होयत अछि- 4.अगर अहाँ गैस एसिडिटी सँ परेशान छि तह तुलसीक' पात के काढा बना के पिबू,तुलसीके पत्ता में मौजूद कार्मिनेटिव गुण तुरन्त राहत दिलाबैत अछि-

बेटी आओर सास-ससुर

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 बेटी,सास-ससुर जिनकर बेटी केर सास-ससुरजी के साथ नहिं रैह सकैत अछि,मेहरबानी कैर के अहाँ अपन बेटी के वियाह अनाथालय सँ करू,परिवार सँ नहि-

माँ आओर वृद्धाआश्रम

अरसे के बाद भेंट;- राजेश आओर नरेश बहुत सालक' बाद अचानक मिलैत अछि,दुनु दोस्त बहुतेक करीबी छल,एक-दोसर के देख बहुत खुशी भेल,कियाकि बहुतेक सालक बाद मुलाकात भेल रहै!!. खुशी भेनाइ तह लाजमी छैक- दुनु एक-दोसर के हालचाल पुछलैत, ~नरेश पुछैत छैथ राजेश सँ-कि दोस्त माँ के हाल-चाल कह, राजेश कहै छथिन की दोस्त माँ ठीक छथुन, आई हुनक जन्मदिन छियैन, अखने हम वृद्धाआश्रम सँ मिलके आइब रहल छी!!. तू अपन कह- माँ तोरे साथ मे रहैत छथुन,राजेश बजलाह!!.. कुछेक समय चुप रहलाक बाद नरेश कहैत छैथ अपन दोस्त सँ- की दोस्त हम अखन अटेक पैघ आदमी नहि बनलौ की हम माँ के रैख सकैत छि-हमरा खुद अपन घर मे माँ रखने अछि!!... माँ के बिना कोनो घर नहि होयत अछि- अपन दोस्त के ई बात सुइन बहुत शर्मिंदगी महसूस भेलैक आओर ओहि दिन वृद्धाआश्रम सँ माँ के घर पर अनलैथ!!....

माँ-पिता

माँ केर श्रृंगार अछि पिता, बच्चा सबहक' संसार अछि पिता- माँ आँगनक' तुलसी अछि, द्वारे बंदनवार पिता- घरक' नीव सरीखी माँ, घरक' छत-दीवार पिता- माँ कर्तव्य बताबैत अछि, दैत अछि अधिकार पिता- बच्चा सबहक पालक अछि माँ, घरक' पालनहार पिता- माँ सपना बुनैत रहैत अछि, साकार करैत अछि पिता- बच्चा सबहक हरेक बाधा सँ  लडैक' अछि तैयार पिता-

पति-पत्नी एक-दोसर केर समझै

~पति सुख' में अकेले रैह सकैत अछि,मुदा जखन दुखी मायूस होयत अछि तखन वो अपन पत्नी के ज़रूर याद करैत अछि'- ~पत्नी दुख के अकेले कैट लैत मुदा सुख में ओ अपन पति के ज़रूर याद करैत अछि'-

सुविचार

भरोसा अहाँ सब पर कैर सकैत छि,मुदा सावधानी सँ,कियाकि कखनो-कखनो अपन दांत भी जीभ के कैट लैत अछि'-

सुविचार

अहाँके जिंदगी में कियो अगर रोकै-टोकै वाला अछि तह हुनक' एहसान मानियौउ,कियाकि जांय बगीचा में माली' नहि ओहि बगीचा जल्दी उजैर जाइत छैक!!...